क्रिकेट के मैदान से पुलिस की वर्दी तक... आकाशदीप और मुकेश कुमार बने DSP, बिहार CM ने सौंपा नियुक्‍त‍ि पत्र

Cricketer Akash Deep and Bihar CM Samrat Choudhary

Cricketer Akash Deep and Bihar CM Samrat Choudhary

पटना: बिहार में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को 'मेडल लाओ, नौकरी पाओ' योजना के तहत तेज गेंदबाज आकाश दीप और मुकेश कुमार समेत 19 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी नियुक्ति पत्र सौंपा. इसके साथ ही बिहार खेल छात्रवृत्ति योजना के तहत चयनित खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए.

इन खिलाड़ियों को मिली बड़ी जिम्मेदारी: 'मेडल लाओ, नौकरी पाओ' योजना के तहत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर आकाश दीप और मुकेश कुमार को पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद पर नियुक्ति मिली. वहीं एथलीट पियूष राज को पुलिस अवर निरीक्षक (एसआई) बनाया गया. इसके अलावा पांच पैरा खिलाड़ियों सहित विभिन्न खेल विधाओं के अन्य उत्कृष्ट खिलाड़ियों को भी नियुक्ति पत्र सौंपे गए.

637 खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति का लाभ: कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बिहार खेल छात्रवृत्ति योजना के तहत चयनित खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए. इस योजना के तहत वर्ष 2026-27 में कुल 637 खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति मिलेगी. इनमें उत्कर्ष योजना के तहत 21 खिलाड़ियों को प्रतिवर्ष 20 लाख रुपये, सक्षम योजना के तहत 184 खिलाड़ियों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तथा प्रेरणा योजना के तहत 432 खिलाड़ियों को प्रतिवर्ष 3 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी. इस राशि का उपयोग प्रशिक्षण, पोषण, खेल सामग्री, प्रतियोगिताओं में भागीदारी और खेल विज्ञान संबंधी सुविधाओं पर किया जाएगा.

खेल सम्मान योजना के तहत भी खिलाड़ी सम्मानित: समारोह के दौरान एथलीट सेतु मिश्रा को एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2026 में स्वर्ण और रजत पदक जीतने पर 37.50 लाख रुपये का सांकेतिक चेक प्रदान किया गया. वहीं विभास्कर कुमार को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने पर 2 लाख रुपये तथा शतरंज खिलाड़ी मरियम फातिमा को कॉमनवेल्थ यूथ शतरंज चैंपियनशिप-2026 में कांस्य पदक जीतने पर 9 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई. कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, खेल मंत्री श्रेयसी सिंह और खेल विभाग के तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे.

सीएम ने दी बधाई: पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में खिलाड़ियों के लिए सुनहरे भविष्य की शुरुआत हो चुकी है. सरकार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति देकर यह संदेश दिया है कि प्रतिभा का सम्मान और प्रोत्साहन हर स्तर पर किया जाएगा.

"पहली बार बिहार के किसी खिलाड़ी को पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) जैसे उच्च पद पर नियुक्ति मिली है, जो राज्य के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है. राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, विश्व कप और आईपीएल जैसे बड़े मंचों तक पहुंचाना है."- सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री, बिहार

15 सितंबर से पंचायत स्तर पर प्रतिभा खोज अभियान: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आगामी 15 सितंबर से राज्य की प्रत्येक पंचायत में विशेष खेल प्रतिभा खोज अभियान चलाया जाएगा. गांव-गांव से उभरने वाली प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि आर्थिक या भौगोलिक कारण किसी खिलाड़ी की प्रतिभा के आड़े न आएं. उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का समान अवसर मिले.

5 हजार खेल मैदान तैयार: सम्राट चौधरी ने कहा कि पिछले दो वर्षों में बिहार के विभिन्न हिस्सों में 5000 खेल मैदानों का निर्माण पूरा किया गया है. अब सरकार का फोकस विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना विकसित करने पर है. उन्होंने बताया कि पटना के मोइनुल हक स्टेडियम का पुनर्विकास तेजी से चल रहा है. इसके संचालन की जिम्मेदारी बीसीसीआई को सौंपी गई है. करीब 40 हजार दर्शकों की क्षमता वाला यह स्टेडियम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है, जहां भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुकाबले आयोजित किए जा सकेंगे.

बिहार को नंबर-1 बनाने का लक्ष्य: मुख्यमंत्री ने कहा कि नालंदा में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना, विश्व कप स्तर की प्रतियोगिताओं की सफल मेजबानी और खेल सुविधाओं के विस्तार जैसे कदमों से बिहार की पहचान लगातार मजबूत हुई है. अब लक्ष्य राष्ट्रीय खेलों में बिहार को देश का नंबर-1 राज्य बनाना है. उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि उनका उद्देश्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि बिहार को खेलों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाना भी होना चाहिए.